श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 2: सुग्रीव का श्रीराम को उत्साह प्रदान  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.2.10 
दृष्ट्वा तां हि पुरीं लङ्कां त्रिकूटशिखरे स्थिताम्।
हतं च रावणं युद्धे दर्शनादवधारय॥ १०॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम एक बार त्रिकूट पर्वत के शिखर पर स्थित लंकापुरी को देख लो तो निश्चय हो जाएगा कि रावण को युद्ध में देखा और मारा गया था॥ 10॥
 
If you once see Lankapuri situated on the peak of Trikuta Mountain then you can be sure that Ravana was seen and killed in the war.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)