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श्लोक  6.18.8 
अनधीत्य च शास्त्राणि वृद्धाननुपसेव्य च।
न शक्यमीदृशं वक्तुं यदुवाच हरीश्वर:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
सुमित्रानंदन! इस समय वानरराज ने जो कहा है, वह शास्त्रों का अध्ययन किए बिना और बड़ों की सेवा किए बिना कोई नहीं कह सकता।
 
Sumitra Nandan! What the monkey king has said at this time cannot be said by anyone without studying the scriptures and serving the elders.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)