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ramayan 6.18.33: जो कोई एक बार भी मेरे पास आकर 'मैं तेरा हूँ' कहकर मेरी रक्षा की प्रार्थना करता है, मैं उसे समस्त प्राणियों से सुरक्षित कर देता हूँ। यह मेरी सदा की प्रतिज्ञा है॥ 33॥   |   ramayan सर्ग 6.18: भगवान् श्रीराम का शरणागत की रक्षा का महत्त्व एवं अपना व्रत बताकरविभीषण से मिलना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.18.33 
सकृदेव प्रपन्नाय तवास्मीति च याचते।
अभयं सर्वभूतेभ्यो ददाम्येतद् व्रतं मम॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
जो कोई एक बार भी मेरे पास आकर 'मैं तेरा हूँ' कहकर मेरी रक्षा की प्रार्थना करता है, मैं उसे समस्त प्राणियों से सुरक्षित कर देता हूँ। यह मेरी सदा की प्रतिज्ञा है॥ 33॥
 
Whoever comes to me even once and prays for my protection saying 'I am yours', I make him safe from all creatures. This is my vow for ever.॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)