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ममापि च विवक्षास्ति काचित् प्रति विभीषणम्।
श्रोतुमिच्छामि तत् सर्वं भवद्भि: श्रेयसि स्थितै:॥ २॥
अनुवाद
मित्रो! मैं भी विभीषण के विषय में कुछ कहना चाहता हूँ। आप सब लोग मेरे कल्याण में लगे रहने वाले हैं। अतः मेरी इच्छा है कि आप भी इसे सुनें॥ 2॥
Friends! I too want to say something about Vibhishan. All of you are going to be engaged in my welfare. Therefore I wish that you too listen to it.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥