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ramayan 6.17.9: हे राजन! कृपया हमें इन दुष्टात्माओं को तुरंत मारने की आज्ञा दीजिए, जिससे ये मंदबुद्धि राक्षस मरकर पृथ्वी पर गिर पड़ें। ॥9॥   |   ramayan सर्ग 6.17: विभीषण का श्रीराम की शरण में आना और श्रीराम का अपने मन्त्रियों के साथ उन्हें आश्रय देने के विषय में विचार करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 17: विभीषण का श्रीराम की शरण में आना और श्रीराम का अपने मन्त्रियों के साथ उन्हें आश्रय देने के विषय में विचार करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.17.9 
शीघ्रं व्यादिश नो राजन् वधायैषां दुरात्मनाम्।
निपतन्ति हता यावद् धरण्यामल्पचेतना:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! कृपया हमें इन दुष्टात्माओं को तुरंत मारने की आज्ञा दीजिए, जिससे ये मंदबुद्धि राक्षस मरकर पृथ्वी पर गिर पड़ें। ॥9॥
 
O King! Please give us orders to kill these evil spirits immediately, so that these slow-witted demons may die and fall on the earth.' ॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)