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आपके पुरुषार्थ, रावण के मिथ्या आचरण, बालि के वध और सुग्रीव के राज्याभिषेक की बात सुनकर वह राज्य प्राप्ति की इच्छा से आपके पास आया है (उसका विश्वास है कि शरणागतों पर प्रेम करने वाले दयालु भगवान् राम अवश्य ही उसकी रक्षा करेंगे और उसे राज्य प्रदान करेंगे)। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए मुझे विभीषण को एकत्रित करके उसे अपना लेना उचित प्रतीत होता है॥ 66-67॥
Having heard of your efforts, Ravana's false conduct, the killing of Vali and the coronation of Sugreeva, he has come to you with a deliberate desire to gain the kingdom (he has the belief that the compassionate Lord Rama who loves those who seek refuge will surely protect him and give him the kingdom). Keeping all these things in mind, it seems appropriate to me to collect Vibhishan and adopt him.॥ 66-67॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥