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देशकालोपपन्नं च कार्यं कार्यविदां वर।
सफलं कुरुते क्षिप्रं प्रयोगेणाभिसंहितम्॥ ६५॥
अनुवाद
हे कर्म-कुशलों में श्रेष्ठ रघुनन्दन! विभीषण का यहाँ आना देश और काल के अनुकूल ही है। यदि ऐसा कार्य किसी योग्य व्यक्ति द्वारा किया जाए, तो वह शीघ्र ही सफल हो जाता है। 65।
O Raghunandan, the best among the experts of action! The task of Vibhishan's arrival here is in accordance with the place and time. If such a task is done by a capable person, then it makes itself successful very soon. 65.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥