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अर्थानर्थनिमित्तं हि यदुक्तं सचिवैस्तव।
तत्र दोषं प्रपश्यामि क्रिया नह्युपपद्यते॥ ५३॥
अनुवाद
आपके मन्त्रियों ने भले-बुरे का निर्णय करने के लिए गुण-दोष की जाँच करने का जो सुझाव दिया है, उसमें मुझे दोष लगता है; क्योंकि इस समय ऐसा करना सम्भव नहीं है ॥ 53॥
I find fault with the suggestion given by your ministers to examine the merits and demerits for deciding good and bad; because it is not possible to do so at this time. ॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥