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ramayan 6.17.43: तत्पश्चात् शरभ ने बहुत विचार करके यह महत्त्वपूर्ण बात कही - 'हे नरसिंह! इस विभीषण पर शीघ्र ही एक गुप्तचर नियुक्त किया जाना चाहिए।'   |   ramayan सर्ग 6.17: विभीषण का श्रीराम की शरण में आना और श्रीराम का अपने मन्त्रियों के साथ उन्हें आश्रय देने के विषय में विचार करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.17.43 
शरभस्त्वथ निश्चित्य सार्थं वचनमब्रवीत्।
क्षिप्रमस्मिन् नरव्याघ्र चार: प्रतिविधीयताम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् शरभ ने बहुत विचार करके यह महत्त्वपूर्ण बात कही - 'हे नरसिंह! इस विभीषण पर शीघ्र ही एक गुप्तचर नियुक्त किया जाना चाहिए।'
 
Thereafter Sharabha after much thought said this significant thing - 'O lion of men! A spy should be appointed on this Vibhishan as soon as possible. 43.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)