Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.17.21: ये राक्षस कोई भी रूप धारण कर सकते हैं। इनमें भेदने की भी शक्ति है। ये वीर और मायावी हैं। इसलिए इन पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए। 21॥ | ramayan सर्ग 6.17: विभीषण का श्रीराम की शरण में आना और श्रीराम का अपने मन्त्रियों के साथ उन्हें आश्रय देने के विषय में विचार करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये राक्षस कोई भी रूप धारण कर सकते हैं। इनमें भेदने की भी शक्ति है। ये वीर और मायावी हैं। इसलिए इन पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए। 21॥
These demons can take any form they want. These also have the power to penetrate. They are brave and elusive. That's why they should never be trusted. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥