Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.17.2: विभीषण का शरीर सुमेरु पर्वत के शिखर के समान ऊँचा था। वे आकाश में चमकती हुई बिजली के समान दिखाई दे रहे थे। पृथ्वी पर खड़े हुए वानर योद्धाओं ने उन्हें आकाश में स्थित देखा॥2॥ | ramayan सर्ग 6.17: विभीषण का श्रीराम की शरण में आना और श्रीराम का अपने मन्त्रियों के साथ उन्हें आश्रय देने के विषय में विचार करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विभीषण का शरीर सुमेरु पर्वत के शिखर के समान ऊँचा था। वे आकाश में चमकती हुई बिजली के समान दिखाई दे रहे थे। पृथ्वी पर खड़े हुए वानर योद्धाओं ने उन्हें आकाश में स्थित देखा॥2॥
Vibhishan's body was as tall as the peak of Mount Sumeru. He appeared like lightning flashing in the sky. The monkey warriors standing on the earth saw him situated in the sky.॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥