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ramayan 6.17.10: जब वे आपस में इस प्रकार बातें कर रहे थे, तभी विभीषण समुद्र के उत्तरी तट पर आये और आकाश में खड़े हो गये।   |   ramayan सर्ग 6.17: विभीषण का श्रीराम की शरण में आना और श्रीराम का अपने मन्त्रियों के साथ उन्हें आश्रय देने के विषय में विचार करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.17.10 
तेषां सम्भाषमाणानामन्योन्यं स विभीषण:।
उत्तरं तीरमासाद्य खस्थ एव व्यतिष्ठत॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जब वे आपस में इस प्रकार बातें कर रहे थे, तभी विभीषण समुद्र के उत्तरी तट पर आये और आकाश में खड़े हो गये।
 
While they were talking among themselves in this manner Vibhishana came to the northern shore of the ocean and stood in the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)