श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 16: रावण के द्वारा विभीषण का तिरस्कार और विभीषण का भी उसे फटकारकर चल देना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.16.24 
शूराश्च बलवन्तश्च कृतास्त्राश्च नरा रणे।
कालाभिपन्ना: सीदन्ति यथा वालुकसेतव:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
‘काल के वश में आकर बड़े-बड़े योद्धा, बलवान और शस्त्रज्ञ भी बालू की दीवार या बाँध के समान नष्ट हो जाते हैं॥24॥
 
‘When under the control of Kaal, even great warriors, strong men and adepts with weapons get destroyed like a wall of sand or a dam. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)