Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.15.8: इन्द्र के समान तेजस्वी, बलवान, वीर एवं साहसी इन्द्रजित् के ये वचन सुनकर शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ विभीषण ने बड़े अर्थ के साथ ये वचन कहे : 8॥ | ramayan सर्ग 6.15: इन्द्रजित द्वारा विभीषण का उपहास तथा विभीषण का उसे फटकारकर सभा में अपनी उचित सम्मति देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र के समान तेजस्वी, बलवान, वीर एवं साहसी इन्द्रजित् के ये वचन सुनकर शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ विभीषण ने बड़े अर्थ के साथ ये वचन कहे : 8॥
Hearing these words of Indrajit, who was as bright and powerful as Indra, and who was brave and courageous, Vibhishana, the best among the wielders of weapons, said these words with great meaning: 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥