Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.15.5: ‘मैंने तीनों लोकों के स्वामी देवराज इन्द्र को भी स्वर्ग से हटाकर इस पृथ्वी पर ला दिया था। उस समय सब देवता भयभीत होकर भाग गए थे और सब दिशाओं में शरण ली थी।॥5॥ | ramayan सर्ग 6.15: इन्द्रजित द्वारा विभीषण का उपहास तथा विभीषण का उसे फटकारकर सभा में अपनी उचित सम्मति देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘मैंने तीनों लोकों के स्वामी देवराज इन्द्र को भी स्वर्ग से हटाकर इस पृथ्वी पर ला दिया था। उस समय सब देवता भयभीत होकर भाग गए थे और सब दिशाओं में शरण ली थी।॥5॥
‘I had even removed the lord of the three worlds, Devraj Indra, from heaven and brought him to this earth. At that time all the gods had run away in fear and had taken refuge in all directions.॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥