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ramayan 6.13.8: हे पराक्रमी राक्षसराज! आपके जो भी शत्रु यहाँ आएंगे, हम उन्हें अपने अस्त्रों के बल से परास्त कर देंगे, इसमें संशय नहीं है।'   |   ramayan सर्ग 6.13: महापार्श्व का रावण को उकसाना और रावण का शाप के कारण असमर्थ बताना तथा अपने पराक्रम के गीत गाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 13: महापार्श्व का रावण को उकसाना और रावण का शाप के कारण असमर्थ बताना तथा अपने पराक्रम के गीत गाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.13.8 
इह प्राप्तान् वयं सर्वाञ्छत्रूंस्तव महाबल।
वशे शस्त्रप्रतापेन करिष्यामो न संशय:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे पराक्रमी राक्षसराज! आपके जो भी शत्रु यहाँ आएंगे, हम उन्हें अपने अस्त्रों के बल से परास्त कर देंगे, इसमें संशय नहीं है।'
 
Mighty demon king! Whatever enemies of yours come here, we will subdue them with the power of our weapons, there is no doubt about it.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)