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ramayan 6.13.16: ‘मेरा वेग समुद्र के समान है और मेरी गति वायु के समान है। दशरथपुत्र राम यह नहीं जानते, इसीलिए वे मुझ पर आक्रमण करते हैं।॥16॥   |   ramayan सर्ग 6.13: महापार्श्व का रावण को उकसाना और रावण का शाप के कारण असमर्थ बताना तथा अपने पराक्रम के गीत गाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.13.16 
सागरस्येव मे वेगो मारुतस्येव मे गति:।
नैतद् दाशरथिर्वेद ह्यासादयति तेन माम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
‘मेरा वेग समुद्र के समान है और मेरी गति वायु के समान है। दशरथपुत्र राम यह नहीं जानते, इसीलिए वे मुझ पर आक्रमण करते हैं।॥16॥
 
‘My speed is like that of the ocean and my speed is like that of the wind. Dasharath's son Rama does not know this, that is why he attacks me.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)