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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य
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श्लोक 88
श्लोक
6.128.88
दृष्ट्वा सर्वे महात्मानस्ततस्ते वानरर्षभा:।
विसृष्टा: पार्थिवेन्द्रेण किष्किन्धां समुपागमन्॥ ८८॥
अनुवाद
इस प्रकार भगवान् श्री रामजी का राज्याभिषेक देखकर सभी महामनस्वी वानर महाराज श्री रामजी से विदा लेकर किष्किन्धा को चले गए॥88॥
In this way, after seeing the coronation of Lord Shri Ram, all the great minded monkeys took leave from Maharaja Shri Ram and went to Kishkindha. 88॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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