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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य
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श्लोक 49
श्लोक
6.128.49
सौवर्णान् वानरेन्द्राणां चतुर्णां चतुरो घटान्।
ददौ क्षिप्रं स सुग्रीव: सर्वरत्नविभूषितान्॥ ४९॥
अनुवाद
तब सुग्रीव ने उसी समय चारों श्रेष्ठ वानरों को सब प्रकार के रत्नों से विभूषित चार स्वर्ण घड़े देकर कहा—
Then Sugreeva at the same time gave four golden pitchers decorated with all kinds of gems to the four best monkeys and said—
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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