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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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श्लोक 32
श्लोक
6.128.32
नव नागसहस्राणि ययुरास्थाय वानरा:।
मानुषं विग्रहं कृत्वा सर्वाभरणभूषिता:॥ ३२॥
अनुवाद
वे वानर नौ हजार हाथियों पर सवार होकर यात्रा कर रहे थे। उस समय उन्होंने मानव रूप धारण कर लिया था और वे सभी प्रकार के आभूषणों से सुसज्जित थे।
The monkeys were travelling on nine thousand elephants. At that time they had assumed human form and were adorned with all kinds of ornaments.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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