श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.128.23 
अयोध्यायां च सचिवा राज्ञो दशरथस्य च।
पुरोहितं पुरस्कृत्य मन्त्रयामासुरर्थवत्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
अयोध्या में राजा दशरथ के मंत्री ने पुरोहित वसिष्ठ को आगे करके श्री राम के राज्याभिषेक के विषय में आवश्यक विचार-विमर्श करना आरम्भ किया॥ 23॥
 
In Ayodhya, King Dasharatha's minister, putting forward the priest Vasishtha, began to deliberate on the necessary matters regarding the coronation of Sri Rama.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)