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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य
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श्लोक 2
श्लोक
6.128.2
पूजिता मामिका माता दत्तं राज्यमिदं मम।
तद् ददामि पुनस्तुभ्यं यथा त्वमददा मम॥ २॥
अनुवाद
‘आपने मेरी माता का आदर किया और मुझे यह राज्य दिया। जिस प्रकार आपने मुझे दिया था, उसी प्रकार मैं भी आपको यह राज्य लौटा रहा हूँ।॥2॥
‘You respected my mother and gave me this kingdom. Just as you gave it to me, I am giving it back to you again.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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