श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.128.16 
प्रतिकर्म च रामस्य कारयामास वीर्यवान्।
लक्ष्मणस्य च लक्ष्मीवानिक्ष्वाकुकुलवर्धन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इक्ष्वाकुकुल की कीर्ति बढ़ाने वाले सुन्दर और पराक्रमी योद्धा शत्रुघ्न ने श्री राम और लक्ष्मण को सुशोभित किया॥16॥
 
Shatrughan, the handsome and mighty warrior who increased the fame of Ikshvakukul, adorned Shri Ram and Lakshman. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)