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ramayan 6.128.11: जब तक नक्षत्र घूमते रहेंगे और जब तक यह पृथ्वी रहेगी, तब तक आप इस जगत के स्वामी बने रहेंगे।'   |   ramayan सर्ग 6.128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.128.11 
यावदावर्तते चक्रं यावती च वसुंधरा।
तावत् त्वमिह लोकस्य स्वामित्वमनुवर्तय॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जब तक नक्षत्र घूमते रहेंगे और जब तक यह पृथ्वी रहेगी, तब तक आप इस जगत के स्वामी बने रहेंगे।'
 
As long as the constellations rotate and as long as this earth exists, you will remain the master of this world.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)