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ramayan 6.127.53: भरत के बड़े भाई श्री राम ने देखा कि हजारों नागरिक हाथ उनकी ओर खिले हुए कमलों के समान उठे हुए हैं।   |   ramayan सर्ग 6.127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  6.127.53 
तान्यञ्जलिसहस्राणि प्रगृहीतानि नागरै:।
व्याकोशानीव पद्मानि ददर्श भरताग्रज:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
भरत के बड़े भाई श्री राम ने देखा कि हजारों नागरिक हाथ उनकी ओर खिले हुए कमलों के समान उठे हुए हैं।
 
Sri Rama, the elder brother of Bharata, saw thousands of hands of the citizens raised towards him, like blooming lotuses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)