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ramayan 6.127.46: पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ, राजकुमार भरत ने वानरराज सुग्रीव को गले लगाया और उनसे कहा -   |   ramayan सर्ग 6.127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  6.127.46 
अथाब्रवीद् राजपुत्र: सुग्रीवं वानरर्षभम्।
परिष्वज्य महातेजा भरतो धर्मिणां वर:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ, राजकुमार भरत ने वानरराज सुग्रीव को गले लगाया और उनसे कहा -
 
Prince Bharat, the most brilliant among the virtuous souls, hugged the monkey king Sugriva and said to him -
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)