Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.127.35: सब लोग हाथी, घोड़े और रथों से उतरकर भूमि पर खड़े होकर विमान पर बैठे हुए भगवान राम को उसी प्रकार देखने लगे, जैसे लोग आकाश में चमकते हुए चन्द्रमा को देखते हैं।   |   ramayan सर्ग 6.127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.127.35 
रथकुञ्जरवाजिभ्यस्तेऽवतीर्य महीं गता:।
ददृशुस्तं विमानस्थं नरा: सोममिवाम्बरे॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
सब लोग हाथी, घोड़े और रथों से उतरकर भूमि पर खड़े होकर विमान पर बैठे हुए भगवान राम को उसी प्रकार देखने लगे, जैसे लोग आकाश में चमकते हुए चन्द्रमा को देखते हैं।
 
All the people alighted from the elephants, horses and chariots and standing on the ground began to see Lord Rama seated on the plane in the same way as people see the Moon-god shining in the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)