Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.127.27-28h: परंतप! देवराज इन्द्र ने भी श्री रामचंद्रजी को ऐसा ही वरदान दिया था। अतः भरद्वाजजी ने अपनी सेना सहित श्री रामचंद्रजी का भरपूर आतिथ्य किया है। 27 1/2॥ | ramayan सर्ग 6.127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परंतप! देवराज इन्द्र ने भी श्री रामचंद्रजी को ऐसा ही वरदान दिया था। अतः भरद्वाजजी ने अपनी सेना सहित श्री रामचंद्रजी का भरपूर आतिथ्य किया है। 27 1/2॥
Parantap! Devraj Indra had also given a similar boon to Shri Ramchandraji. Therefore, Bhardwajji along with his army has given all the hospitality to Shri Ramchandraji. 27 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥