Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.127.20: भरत व्रत के कारण दुर्बल और दुखी हो रहे थे। उन्होंने चिथड़े और काले मृगचर्म धारण कर रखा था। पहले तो वे अपने भाई के आगमन की खबर सुनकर बहुत प्रसन्न हुए। | ramayan सर्ग 6.127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत व्रत के कारण दुर्बल और दुखी हो रहे थे। उन्होंने चिथड़े और काले मृगचर्म धारण कर रखा था। पहले तो वे अपने भाई के आगमन की खबर सुनकर बहुत प्रसन्न हुए।
Bharata was becoming weak and miserable due to fasting. He was wearing rags and a black deerskin. At first he was very happy to hear about his brother's arrival.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥