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ramayan 6.127.12-13h: अन्य अनेक पराक्रमी योद्धा हथिनियों, हाथियों, घोड़ों और स्वर्ण रस्सियों से बँधे रथों पर सवार होकर निकले।   |   ramayan सर्ग 6.127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 127: अयोध्या में श्रीराम के स्वागत की तैयारी, भरत के साथ सबका श्रीराम की अगवानी के लिये नन्दिग्राम में पहुँचना, श्रीराम का आगमन, भरत आदि के साथ उनका मिलाप तथा पुष्पक विमान को कुबेर के पास भेजना  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  6.127.12-13h 
अपरे हेमकक्षाभि: सगजाभि: करेणुभि:॥ १२॥
निर्ययुस्तुरगाक्रान्ता रथैश्च सुमहारथा:।
 
 
अनुवाद
अन्य अनेक पराक्रमी योद्धा हथिनियों, हाथियों, घोड़ों और स्वर्ण रस्सियों से बँधे रथों पर सवार होकर निकले।
 
Many other mighty warriors came out riding on female elephants, elephants, horses and chariots tied with golden ropes. 12 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)