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ramayan 6.126.46: महान् कर्म करने वाले श्री राम के पास लौटकर मैंने उन्हें पहचान के प्रतीक के रूप में वह महान मणि दे दी।   |   ramayan सर्ग 6.126: हनुमान्जी का भरत को श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनवाससम्बन्धी सारे वृत्तान्तों को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.126.46 
मया च पुनरागम्य रामस्याक्लिष्टकर्मण:।
अभिज्ञानं मया दत्तमर्चिष्मान् स महामणि:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
महान् कर्म करने वाले श्री राम के पास लौटकर मैंने उन्हें पहचान के प्रतीक के रूप में वह महान मणि दे दी।
 
Returning to Sri Rama, the doer of great deeds, I gave him that illustrious gem as a token of identification.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)