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ramayan 6.126.23: उस मृग को देखकर सीता ने श्री राम से कहा - 'आर्यपुत्र! इस मृग को पकड़ लो। इसके आने से मेरा यह आश्रम दीप्तिमान और सुन्दर हो जाएगा।' 23॥   |   ramayan सर्ग 6.126: हनुमान्जी का भरत को श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनवाससम्बन्धी सारे वृत्तान्तों को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 126: हनुमान्जी का भरत को श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनवाससम्बन्धी सारे वृत्तान्तों को सुनाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.126.23 
सा राममब्रवीद् दृष्ट्वा वैदेही गृह्यतामिति।
अयं मनोहर: कान्त आश्रमो नो भविष्यति॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस मृग को देखकर सीता ने श्री राम से कहा - 'आर्यपुत्र! इस मृग को पकड़ लो। इसके आने से मेरा यह आश्रम दीप्तिमान और सुन्दर हो जाएगा।' 23॥
 
Seeing that deer, Sita said to Shri Ram - 'Aryan son! Catch this deer. With his presence, this ashram of mine will become radiant and beautiful. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)