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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 126: हनुमान्जी का भरत को श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनवाससम्बन्धी सारे वृत्तान्तों को सुनाना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  6.126.20-21h 
राक्षसाश्च विनिष्पिष्टा: खरश्च निहतो रणे॥ २०॥
दूषणं चाग्रतो हत्वा त्रिशिरास्तदनन्तरम्।
 
 
अनुवाद
उस युद्धभूमि में चौदह हज़ार राक्षस कुचले गए, खर मारा गया, फिर दूषण मारा गया। तत्पश्चात त्रिशिरा भी मारा गया।
 
‘Those fourteen thousand demons were crushed in that battlefield, Khar was killed, then Dushan was finished off. Thereafter Trishira was also killed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)