Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.126.2: आज मुझे यह शुभ कहावत सत्य प्रतीत हो रही है - यदि मनुष्य जीवित रहेगा, तो किसी न किसी समय उसे सुख और आनन्द की प्राप्ति अवश्य होगी, चाहे वह सौ वर्ष बाद ही क्यों न हो॥ 2॥   |   ramayan सर्ग 6.126: हनुमान्जी का भरत को श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनवाससम्बन्धी सारे वृत्तान्तों को सुनाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 126: हनुमान्जी का भरत को श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनवाससम्बन्धी सारे वृत्तान्तों को सुनाना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.126.2 
कल्याणी बत गाथेयं लौकिकी प्रतिभाति माम्।
एति जीवन्तमानन्दो नरं वर्षशतादपि॥ २॥
 
 
अनुवाद
आज मुझे यह शुभ कहावत सत्य प्रतीत हो रही है - यदि मनुष्य जीवित रहेगा, तो किसी न किसी समय उसे सुख और आनन्द की प्राप्ति अवश्य होगी, चाहे वह सौ वर्ष बाद ही क्यों न हो॥ 2॥
 
Today, this auspicious proverb seems true to me - if a man lives, he will at some time or other attain happiness and joy, even if it may be after a hundred years.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)