Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.124.5-7: 'पूर्वकाल में जब तुम महान वन में भ्रमण कर रहे थे, तब तुम केवल चिथड़े पहने हुए थे और तुम्हारे तथा तुम्हारे दोनों भाइयों के साथ तीसरी व्यक्ति तुम्हारी पत्नी थी। तुम राज्य से वंचित थे और मन में केवल धर्म पालन की इच्छा लिए, सब कुछ त्यागकर, अपने पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए पैदल ही चल रहे थे। समस्त सुखों से विमुख होकर, तुम स्वर्ग से पृथ्वी पर गिरे हुए देवता के समान प्रतीत हो रहे थे। हे वीर शत्रुविजेता! तुम कैकेयी की आज्ञा का पालन करने में तत्पर थे और जंगली फल-मूल खा रहे थे। उस समय तुम्हें देखकर मुझे बड़ी दया आई। | ramayan सर्ग 6.124: श्रीराम का भरद्वाज आश्रम पर उतरकर महर्षि से मिलना और उनसे वर पाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'पूर्वकाल में जब तुम महान वन में भ्रमण कर रहे थे, तब तुम केवल चिथड़े पहने हुए थे और तुम्हारे तथा तुम्हारे दोनों भाइयों के साथ तीसरी व्यक्ति तुम्हारी पत्नी थी। तुम राज्य से वंचित थे और मन में केवल धर्म पालन की इच्छा लिए, सब कुछ त्यागकर, अपने पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए पैदल ही चल रहे थे। समस्त सुखों से विमुख होकर, तुम स्वर्ग से पृथ्वी पर गिरे हुए देवता के समान प्रतीत हो रहे थे। हे वीर शत्रुविजेता! तुम कैकेयी की आज्ञा का पालन करने में तत्पर थे और जंगली फल-मूल खा रहे थे। उस समय तुम्हें देखकर मुझे बड़ी दया आई।
‘Earlier, when you were travelling in the great forest, you were wearing only rags and the third person accompanying you and your two brothers was your wife. You were deprived of the kingdom and with the sole desire of following Dharma in your mind, you were walking on foot to obey your father's orders, renouncing everything else. Away from all pleasures, you appeared like a god fallen from heaven to earth. O brave enemy conqueror! You were ready to obey Kaikeyi's orders and were eating wild fruits and roots. Seeing you at that time, I felt great compassion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥