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श्लोक  6.124.20-21h 
तथेति च प्रतिज्ञाते वचनात् समनन्तरम्॥ २०॥
अभवन् पादपास्तत्र स्वर्गपादपसंनिभा:।
 
 
अनुवाद
भारद्वाजजी ने कहा, ‘ऐसा ही होगा।’ जैसे ही उन्होंने यह वचन दिया, जैसे ही उन्होंने ये शब्द कहे, वहाँ के सभी वृक्ष तुरन्त ही स्वर्ग के वृक्षों के समान हो गए।
 
Bharadwajji said, 'It will be so'. As soon as he made this promise, as soon as he uttered those words, all the trees there instantly became like heavenly trees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)