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ramayan 6.124.18: ऋषि की बात स्वीकार करते हुए राजकुमार राम ने प्रसन्नतापूर्वक कहा, "बहुत अच्छा।" फिर उन्होंने उनसे यह वरदान माँगा।   |   ramayan सर्ग 6.124: श्रीराम का भरद्वाज आश्रम पर उतरकर महर्षि से मिलना और उनसे वर पाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.124.18 
तस्य तच्छिरसा वाक्यं प्रतिगृह्य नृपात्मज:।
बाढमित्येव संहृष्ट: श्रीमान् वरमयाचत॥ १८॥
 
 
अनुवाद
ऋषि की बात स्वीकार करते हुए राजकुमार राम ने प्रसन्नतापूर्वक कहा, "बहुत अच्छा।" फिर उन्होंने उनसे यह वरदान माँगा।
 
Accepting the sage's words, the prince Rama, filled with joy, said, "Very good." Then he asked him for this boon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)