vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना
»
श्लोक 7
श्लोक
6.123.7
विद्युन्माली हतश्चात्र सुषेणेन महात्मना।
लक्ष्मणेनेन्द्रजिच्चात्र रावणिर्निहतो रणे॥ ७॥
अनुवाद
यहीं पर महापुरुष सुषेण ने विद्युन्माली का वध किया था और इसी युद्धभूमि में लक्ष्मण ने रावणपुत्र इन्द्रजित् का वध किया था ॥7॥
It was here that great man Sushen had killed Vidyunmali and in this same battlefield Lakshman had killed Ravana's son Indrajit. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×