Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.123.47-48: 'यह महात्मा सुतीक्ष्ण और विदेहनन्दिनी का तेजस्वी आश्रम है! शरभंग मुनीक का महान आश्रम दृष्टिगोचर है, जहाँ सहस्र नेत्रों वाले पुरन्दर इन्द्र आये थे। | ramayan सर्ग 6.123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'यह महात्मा सुतीक्ष्ण और विदेहनन्दिनी का तेजस्वी आश्रम है! शरभंग मुनीक का महान आश्रम दृष्टिगोचर है, जहाँ सहस्र नेत्रों वाले पुरन्दर इन्द्र आये थे।
‘This is the radiant ashram of Mahatma Sutikshna and Videhanandini! The great ashram of Sharbhang Munika is visible, where the thousand-eyed Purandar Indra had come.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥