श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  6.123.39-40h 
अत्राहं वानरेन्द्रेण सुग्रीवेण समागत:॥ ३९॥
समयश्च कृत: सीते वधार्थं वालिनो मया।
 
 
अनुवाद
सीता! यहीं पर मेरी मुलाकात वानरराज सुग्रीव से हुई थी और उनसे मित्रता करने के बाद मैंने बालि को मारने की प्रतिज्ञा की थी।
 
Sita! It was here that I met the monkey king Sugreeva and after becoming friends with him I had vowed to kill Vali. 39 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)