श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 123: अयोध्या की यात्रा करते समय श्रीराम का सीताजी को मार्ग के स्थान दिखाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.123.3 
कैलासशिखराकारे त्रिकूटशिखरे स्थिताम्।
लङ्कामीक्षस्व वैदेहि निर्मितां विश्वकर्मणा॥ ३॥
 
 
अनुवाद
विदेहराजनन्दिनी! त्रिकूट पर्वत के विशाल शिखर पर स्थित विश्वकर्मा द्वारा निर्मित लंकापुरी को देखो, जो कैलाश शिखर के समान सुन्दर है। कितनी सुन्दर लग रही है!
 
Videhrajanandini! Look at Lankapuri built by Vishwakarma, situated on the huge peak of Trikuta mountain, which is as beautiful as the Kailash peak. How beautiful it looks!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)