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ramayan 6.122.7: जब तुम कृतज्ञ होकर इस प्रकार उनका आदर और अभिनन्दन करोगे, तब वानरराज बहुत प्रसन्न होंगे ॥7॥   |   ramayan सर्ग 6.122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.122.7 
एवं सम्मानिताश्चैते नन्द्यमाना यथा त्वया।
भविष्यन्ति कृतज्ञेन निर्वृता हरियूथपा:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जब तुम कृतज्ञ होकर इस प्रकार उनका आदर और अभिनन्दन करोगे, तब वानरराज बहुत प्रसन्न होंगे ॥7॥
 
When you will be grateful and will honour and congratulate him in this manner, then the King of the monkey warriors will be very pleased. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)