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ramayan 6.122.26: आकाश में हंस के साथ उस तेजस्वी विमान में विचरण करते हुए प्रसन्न और आनंदित श्री रामजी साक्षात कुबेर के समान दिख रहे थे॥26॥   |   ramayan सर्ग 6.122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.122.26 
खगतेन विमानेन हंसयुक्तेन भास्वता।
प्रहृष्टश्च प्रतीतश्च बभौ राम: कुबेरवत्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
आकाश में हंस के साथ उस तेजस्वी विमान में विचरण करते हुए प्रसन्न और आनंदित श्री रामजी साक्षात कुबेर के समान दिख रहे थे॥26॥
 
While traveling in that brilliant plane with swan in the sky, the happy and joyful Shri Ram was looking like Kuber in person. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)