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ramayan 6.122.25: जब वे सब लोग कुबेर के उत्तम आसन पुष्पक विमान पर सवार हो गए, तब श्री रघुनाथजी की अनुमति लेकर वे आकाश में उड़ गए।   |   ramayan सर्ग 6.122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.122.25 
तेष्वारूढेषु सर्वेषु कौबेरं परमासनम्।
राघवेणाभ्यनुज्ञातमुत्पपात विहायसम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
जब वे सब लोग कुबेर के उत्तम आसन पुष्पक विमान पर सवार हो गए, तब श्री रघुनाथजी की अनुमति लेकर वे आकाश में उड़ गए।
 
After all of them had boarded the Pushpak Vimana, the excellent seat of Kubera, took the permission of Sri Raghunath and flew into the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)