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ramayan 6.122.14: बंदरों के सबसे अच्छे नायक! तुमने अपने दोस्त का काम बहुत अच्छे से, दोस्ताना तरीके से पूरा किया। अब तुम सब अपने-अपने इच्छित स्थानों पर जाओ।   |   ramayan सर्ग 6.122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.122.14 
मित्रकार्यं कृतमिदं भवद्भिर्वानरर्षभा:।
अनुज्ञाता मया सर्वे यथेष्टं प्रतिगच्छत॥ १४॥
 
 
अनुवाद
बंदरों के सबसे अच्छे नायक! तुमने अपने दोस्त का काम बहुत अच्छे से, दोस्ताना तरीके से पूरा किया। अब तुम सब अपने-अपने इच्छित स्थानों पर जाओ।
 
The best hero of monkeys! You completed the work of your friend very well in a friendly manner. Now all of you should go to your desired places.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)