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ramayan 6.122.13: विमान पर बैठकर, सब वानरों को प्रणाम करके, ककुत्सकुल के रत्न भगवान राम ने विभीषणसहित महाबली सुग्रीव से कहा-॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.122.13 
अब्रवीत् स विमानस्थ: पूजयन् सर्ववानरान्।
सुग्रीवं च महावीर्यं काकुत्स्थ: सविभीषणम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
विमान पर बैठकर, सब वानरों को प्रणाम करके, ककुत्सकुल के रत्न भगवान राम ने विभीषणसहित महाबली सुग्रीव से कहा-॥13॥
 
Sitting on the plane, paying respects to all the monkeys, Lord Rama, the jewel of the Kakuts' clan, said to the mighty Sugreeva along with Vibhishana -॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)