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ramayan 6.122.10: भगवान राम की यह बात सुनकर विभीषण ने सब वानरों को रत्न और धन देकर उन सबका आदर-सत्कार किया॥10॥   |   ramayan सर्ग 6.122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 122: श्रीराम की आज्ञा से विभीषण द्वारा वानरों का विशेष सत्कार तथा सुग्रीव और विभीषण सहित वानरों को साथ लेकर श्रीराम का पुष्पकविमान द्वारा अयोध्या को प्रस्थान करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.122.10 
एवमुक्तस्तु रामेण वानरांस्तान् विभीषण:।
रत्नार्थसंविभागेन सर्वानेवाभ्यपूजयत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
भगवान राम की यह बात सुनकर विभीषण ने सब वानरों को रत्न और धन देकर उन सबका आदर-सत्कार किया॥10॥
 
On hearing this from Lord Rama, Vibhishana gave gems and money to all the monkeys and honoured them all.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)