Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.121.9-10: 'आपका कल्याण हो। मेरे यहाँ मेरे बड़े भाई कुबेर का सूर्य के समान तेजस्वी पुष्पक विमान है, जिसे महाबली रावण ने युद्ध में कुबेर को हराकर छीन लिया था। हे अतुलित पराक्रमी श्री राम! मैंने उस दिव्य एवं इच्छानुसार चलने वाले उत्तम विमान को आपके लिए ही यहाँ रखा है।॥9-10॥   |   ramayan सर्ग 6.121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना  »  श्लोक 9-10
 
 
श्लोक  6.121.9-10 
पुष्पकं नाम भद्रं ते विमानं सूर्यसंनिभम्।
मम भ्रातु: कुबेरस्य रावणेन बलीयसा॥ ९॥
हृतं निर्जित्य संग्रामे कामगं दिव्यमुत्तमम्।
त्वदर्थं पालितं चेदं तिष्ठत्यतुलविक्रम॥ १०॥
 
 
अनुवाद
'आपका कल्याण हो। मेरे यहाँ मेरे बड़े भाई कुबेर का सूर्य के समान तेजस्वी पुष्पक विमान है, जिसे महाबली रावण ने युद्ध में कुबेर को हराकर छीन लिया था। हे अतुलित पराक्रमी श्री राम! मैंने उस दिव्य एवं इच्छानुसार चलने वाले उत्तम विमान को आपके लिए ही यहाँ रखा है।॥9-10॥
 
‘May you be blessed. I have here the Pushpak Vimana of my elder brother Kubera, which is as radiant as the Sun, which the mighty Ravana had snatched after defeating Kubera in a battle. O incomparably mighty Shri Ram! I have kept that divine and excellent aircraft that moves as per one's will, here for you only.॥ 9-10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)