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ramayan 6.121.25: वह विमान श्वेत और पीले रंग की पताकाओं और झंडियों से सुसज्जित था। उसके स्वर्णिम कमलों से सुशोभित स्वर्ण मीनारें थीं, जो उस विमान की शोभा बढ़ा रही थीं।   |   ramayan सर्ग 6.121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 121: श्रीराम का अयोध्या जाने के लिये उद्यत होना और उनकी आज्ञा से विभीषण का पुष्पक विमान को मँगाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.121.25 
पाण्डुराभि: पताकाभिर्ध्वजैश्च समलंकृतम्।
शोभितं काञ्चनैर्हर्म्यैर्हेमपद्मविभूषितै:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वह विमान श्वेत और पीले रंग की पताकाओं और झंडियों से सुसज्जित था। उसके स्वर्णिम कमलों से सुशोभित स्वर्ण मीनारें थीं, जो उस विमान की शोभा बढ़ा रही थीं।
 
It was decorated with white and yellow coloured banners and flags. It had golden towers decorated with golden lotuses, which enhanced the beauty of that aircraft.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)