Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.120.7: "पुरंदर! वे वीर और बहादुर थे और मृत्यु को कुछ भी नहीं समझते थे। उन्होंने मेरे लिए बहुत प्रयास किए और अंततः मृत्यु के मुख में चले गए। कृपया उन सभी को पुनर्जीवित करें।" | ramayan सर्ग 6.120: श्रीराम के अनुरोध से इन्द्र का मरे हुए वानरों को जीवित करना, देवताओं का प्रस्थान और वानर सेना का विश्राम । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"पुरंदर! वे वीर और बहादुर थे और मृत्यु को कुछ भी नहीं समझते थे। उन्होंने मेरे लिए बहुत प्रयास किए और अंततः मृत्यु के मुख में चले गए। कृपया उन सभी को पुनर्जीवित करें।"
‘Purandara! They were valiant and brave and did not consider death as anything. They have made great efforts for me and have finally gone to the jaws of death. Please bring them all back to life.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥